GST इनवॉइस कैसे बनाएं जिसका भुगतान जल्दी हो
अच्छा इनवॉइस पूरा, साफ़ और ऐसा होता है जिसे गलत पढ़ा ही न जा सके। भारत में इसके लिए ये सब ज़रूरी है।
GST टैक्स इनवॉइस में क्या होना चाहिए
- आपका नाम, पता और GSTIN।
- एक यूनिक, क्रम से चलने वाला नंबर (अधिकतम 16 अक्षर, जैसे INV-2026-001)।
- इनवॉइस की तारीख।
- क्लाइंट का नाम, पता और GSTIN (अगर रजिस्टर्ड है)।
- सामान के लिए HSN या सेवा के लिए SAC कोड।
- मात्रा, रेट, टैक्सेबल वैल्यू और टैक्स रेट।
- राज्य के अंदर सप्लाई पर CGST + SGST, दूसरे राज्य में IGST।
- प्लेस ऑफ़ सप्लाई (राज्य का नाम)।
- हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर।
किस देश में इनवॉइस पर क्या ज़रूरी है
एक झलक। नियम बदलते रहते हैं — अपने CA से ज़रूर पुष्टि करें।
| देश | कौन-सा टैक्स नंबर | मुख्य टैक्स दर | ई-इनवॉइस अनिवार्य (B2B) |
|---|---|---|---|
| भारत | GSTIN · HSN/SAC | GST 5% / 18% | आंशिक / लागू हो रहा है IRN > ₹5 Cr |
| संयुक्त राज्य | EIN (optional) | Sales tax (state) | नहीं |
| यूनाइटेड किंगडम | VAT no. | VAT 20% | नहीं 2029 |
| जर्मनी | St.-Nr. / USt-IdNr. | USt 19% / 7% | आंशिक / लागू हो रहा है 2027–2028 |
| फ़्रांस | SIREN/SIRET · TVA | TVA 20% | आंशिक / लागू हो रहा है 2026–2027 |
| स्पेन | NIF | IVA 21% · IRPF | आंशिक / लागू हो रहा है 2027–2028 |
| इटली | Partita IVA | IVA 22% | हाँ SdI |
| जापान | 登録番号 T+13 | 消費税 10% / 8% | नहीं |
| ब्राज़ील | CNPJ / CPF | ICMS / ISS | हाँ NF-e / NFS-e |
| मैक्सिको | RFC | IVA 16% | हाँ CFDI 4.0 |
CGST/SGST या IGST?
अगर आप और क्लाइंट एक ही राज्य में हैं तो 18% को 9% CGST + 9% SGST में बाँटें। अलग राज्य है तो पूरा 18% IGST लगेगा। Billyra में “टैक्स का नाम” में “IGST” या “CGST+SGST” लिख सकते हैं।
GST रजिस्टर्ड नहीं हैं?
अगर आपका टर्नओवर सीमा से कम है और आप रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो आप GST नहीं वसूल सकते। ऐसे में टैक्स 0% रखें और सामान्य इनवॉइस / बिल बनाएं। कंपोज़िशन स्कीम वाले व्यापारी “Bill of Supply” जारी करते हैं।
विदेशी क्लाइंट (एक्सपोर्ट ऑफ़ सर्विस)
फ्रीलांसर और एजेंसियाँ जो विदेश से भुगतान लेती हैं, वे LUT भरकर बिना IGST के इनवॉइस दे सकती हैं। इनवॉइस पर लिखें: “Supply meant for export under LUT without payment of IGST” और करेंसी USD/EUR चुनें।
ई-इनवॉइसिंग (IRN) कब ज़रूरी है
जिन बिज़नेस का सालाना टर्नओवर ₹5 करोड़ से ज़्यादा है, उन्हें B2B इनवॉइस सरकारी IRP पर रजिस्टर करके IRN और QR कोड लेना होता है। छोटे बिज़नेस और फ्रीलांसर्स के लिए सामान्य PDF इनवॉइस काफ़ी है।
आम गलतियाँ
- इनवॉइस नंबर दोहराना या बीच में छोड़ना।
- ड्यू डेट न लिखना।
- “काम किया” जैसा अधूरा विवरण।
- बैंक / UPI डिटेल्स भूल जाना।